पिता करते है LPG सिलिंडर की डिलीवरी, बेटे को KKR ने 80,00,000 में खरीदा.

आईपीएल यानि की इंडियन प्रीमियर लीग का सीजन 11 की नीलामी की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। बेगलूरू में हुई इस नीलामी में 169 खिलाड़ी खरीदे गए, जिसमें से सबसे ज्यादा भारतीय खिलाडी शामिल हैं। आईपीएल के इतिहास में पहली बार नेपाल का भी एक खिलाड़ी बिका। सभी आठों टीमों ने अपने लिए एक से बढ़कर एक धुंरधर खिलाड़ी चुनें।

आज हम आपको एक ऐसे खिलाड़ी के बारे मे बताने वाले है जिसका बचपन गरीबी मे गुजरा था और आज इस खिलाड़ी को कोलकत्ता नाईट राइडर्स ने अपने खेल माइ ओर ज्यादा निखार और सबके सामने प्रकट करने के लिए खरीद लिया है।

इस खिलाड़ी का नाम रिंकू सिंह है , यह यूपी के टैलेंटेड बल्लेबाज है । रिंकू सिंह यूपी के अलीगढ़ के रहने वाले है ।

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इनकी आयु अभी 20 साल ही है ।इनको आईपीएल 11 के लिए कोलकत्ता नाईट राइडर्स ने 80 लाख रुपय मे अपनी टीम मे शामिल किया है ।इनका बेस प्राइस 20 लाख था और मुंबई इंडियंस भी इस खिलाड़ी के पीछे लगी हुई थी, परंतु कोलकत्ता ने इन्हे 80 लाख मे खरीद लिया।

रिंकू सिंह के पिता की बात करे तो यह अपने कंधे पर सैलेंडर का भार उठाते थे , जिसके लिए इन्हे 200 रुपय से 250 रुपय तक मिलते थे।आज इनके बेटे रिंकू सिंह ने इनका नाम ऊंचा कर दिया है और जरुर ही इनके पिता को इन पर गर्व होगा।

रिंकू सिंह के पिता का नाम खानचंद्रा सिंह है , यह अलीगढ़ में लोगों के घर पर सैलेंडर पहुंचाते हैं। खराब आर्थिक हालात के बावजूद रिंकू के पिता ने इन्हें खेल जारी रखने के लिए कहा और पढ़ाई की बजाए क्रिकेट पर ध्यान लगाने को कहा।

रिंकू सिंह सबसे पहले आगरा के एक मैच में सुर्खियों में आए थे, जहां इन्होंने 154 रन बनाए थे। इसके बाद साल 2014 में विजय हजारे ट्रॉफी में रिंकू सिंह ने 206 और 154 रन बनाकर यूपी रणजी टीम में जगह बनाई।

रिंकू सिंह पहली बार आईपीएल ऑक्शन में नहीं बिके हैं। साल 2017 में किंग्स इलेवन पंजाब ने भी इन्हें 10 लाख रु. में खरीदा था हालांकि इन्हें खेलने का मौका अब तक नहीं मिला। खैर अब रिंकू सिंह पिछले एक साल में ओर विस्फोटक बल्लेबाज बन गए हैं, इसकी गवाही इनका रिकॉर्ड अच्छे से दे रहा है।

रिंकू सिंह ने 9 फर्स्ट क्लास मैचों में 49.42 के धमाकेदार औसत से 692 रन बनाए हैं, जबकि 13 लिस्ट ए मैचों में रिंकू ने 55.11 के औसत से 496 रन अपने नाम किए हैं। रिंकू सिंह का बल्लेबाजी औसत से साफ साफ झलक रहा है कि इनके अंदर टैलेंट कूट-कूटकर भरा है।

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